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मेरे हाथ से सँवरते, तो कुछ और बात होती Best 2 Line Shayaries

जो दिल से कहा है जो दिल से सुना है
सब उन को सुनाने के दिन आ रहे हैं


कोई ये लाख कहे मेरे बनाने से मिला
हर नया रंग ज़माने को पुराने से मिला


हर साँस है इक नग़्मा हर नग़्मा है मस्ताना
किस दर्जा दुखे दिल का रंगीन है अफ़्साना


ये खुले खुले से गेसू , इन्हें लाख तू सँवारे 
मेरे हाथ से सँवरते, तो कुछ और बात होती 

सुकून दे न सकीं राहतें ज़माने की
जो नींद आई तेरे ग़म की छाँव में आई


वो मुझ से मिलने को आए हैं मेरी मौत के बाद
ख़ुशी भी मेरे लिए ग़म है क्या किया जाए



अब कोई आए चला जाए मैं ख़ुश रहता हूँ
अब किसी शख़्स की आदत नहीं होती मुझ को


सुकून दे न सकीं राहतें ज़माने की
जो नींद आई तेरे ग़म की छाँव में आई


ख़रीदने को जिसे कम थी दौलत-ए-दुनिया 
किसी कबीर की मुट्ठी में वो रतन देखा

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