Latest

Yaad Shayari

आज हवाओ को मौसम के खिलाफ होने दे
उमस बहूत है बरसात होने दे
वर्षो से नही हूआ वफ़ादारो से सामना
आज मोहब्बत मे मेरी खुशिया तबाह होने दे
जब नफरत तू बेवजह किया करता है तो
अपने रिश्ते की सच्चाई सरेआम होने दे
आँखो मे आँसू तेरे भी आयेंगे
बस कफन को मेरा लिबास होने दे

No comments