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मेरा ख्वाब , मेरी ख्वाहिस, मेरी ज़िद्द, मेरा जूनून, सब तुम हो शायद तुम्हारे बिना मैं अभी भी अधूरा सा हूँ

कई साल हो गए तुमसे दूर हुए लेकिन अभी तक तुम्हे भूल नहीं पाया, न चाहते हुए भी न जाने क्यों तुम्हारी याद मुझे आती रहती हैं, कभी कभी ऐसा भी होता है कि  हर सपना जो हम देखते हैं, हर ख्वाहिश जो हम करतें है वो पूरी नहीं हो पाता ,मगर ख्वाब ना पूरा होने के डर से हम ख्वाब देखना तो नहीं छोड़ सकते ना ??
क्या मैं सिर्फ इसलिए तुम्हे भूल जाऊ की हम दोनों एक नहीं हो सकते.



मेरा मानना है कि सभी को ज़िन्दगी में, एक बार ही सही, सच्ची मोहब्बत  करनी चाहिए
और मैंने भी किया सिर्फ तुमसे , मैंने हमेशा सिर्फ तुम्हे ही चाहा हैं , शायद तुम्हे चाहने में जो मज़ा हैं वो तुम्हे पाने में नहीं होता
तुम्हारा प्यार मेरे लिए एक एहसास की तरह हैं, एक नशा की तरह हैं , उस नशे में मैंने जो भी दुआएँ की सिर्फ तुम्हे पाने की ही दुआएँ की
हमेशा यही चाहा की तुम मुझसे जुड़ा ना हो , जो की हर सच्चा प्यार करने वाला चाहता हैं
एक वक़्त ऐसा भी जब तुम ही मेरे जीने की वजह बन गयी थी , पता नहीं वो तुम्हारा नशा था , तुम्हे पाने का जूनून या मेरा पागलपन , मैं उस वक़्त सब कुछ भुला बैठा था,
मुझे कुछ याद था तो वो सिर्फ तुम ,ख्वाब और ख्वाहिश हमारे के जीने वजह होते हैं  जिनके सहारे हम जिंदा रहते है

अगर हमारी  ज़िन्दगी में कोई ख्वाब और किसी को पाने की ख्वाहिश ना हो तो इसे ज़िन्दगी नहीं कह सकते
मेरा ख्वाब , मेरी ख्वाहिस, मेरी ज़िद्द, मेरा जूनून, सब तुम हो
शायद तुम्हारे बिना मैं अभी भी अधूरा सा हूँ
ख्वाब पूरा नहीं हुआ शायद तुम मेरी किस्मत में ही नहीं थी या मेरे प्यार में ही कुछ कमी रही होगी
लेकिन तुम्हे पाने की ख्वाहिस के पुरे ना होने से मेरा प्यार काम नहीं हुआ 



जो सोचा था वो हो न सका , वैसे भी सोचे हुए बात कहां पुरे होते हैं . आज मैं तुम्हारे लिए इतना अंजान हो गया कि तुम मुझे देखना भी नहीं चाहती . चलो अच्छा है कोई तो है जो मुझे इतनी नफरत करता है , जिसे मैंने प्यार किया उसी ने मुझसे मुंह मोड़ लिए इससे बड़ी बात मेरी लिए क्या हो सकता  है .
सुक्रिया ,तुम्हारी  वजह से मेरी जिंदगी में मुझे जीना सिखा दिया


मैंने सुना था की किसी से सच्चे दिल से प्यार करो तो सारी  कायनात , हमारे प्यार से मिलवाने में हमारा साथ देती हैं ,लेकिन ये सारी बातें किताबी लगती हैं ,शायद तुम्हे पाने का मेरा ख्वाब , ख्वाब बन कर ही रह जायेगा
शायद हम कभी एक ना हो पाए
क्योंकि तुम नहीं चाहती की हम एक हो , तुम्हारे लिए प्यार सिर्फ मज़ाक होगा, मेरे लिए प्यार कोई मज़ाक नहीं, प्यार पूजा की तरह
खैर छोडो तुम नहीं समझोगे, अगर समझते तो आज मेरे होते 

तुम्हे नहीं पता की तुम कितनी खास हो मेरे लिए अब तो शायद तुम जान भी नहीं पाओगे ,तुम शायद भूल गए हो लेकिन मैं आज भी हर ख़ुशी , हर गम ,में सिर्फ तुम्हे ही याद करता हूँ ,मैं आज भी सिर्फ तुमसे ही प्यार करता हूँ और इतना प्यार जिसकी कोई हद नहीं , बेहद प्यार करता हूँ तुम्हे
इतने सालों के बाद भी मुझे इंतज़ार हैं तुम्हारा , शायद  तुम लौट आओ 



आई लव यू

तुम्हारा

सूर्या त्रिपाठी

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